रोजड़ो से छुटकारा खेत की तारबन्दी के लिए जाली लगाने की a-z जानकारी – techmewadi

Selection of wire fencing


साथियों आज के समय में जैसा पेंडमिक चल रहा है उसमे बहुत सारे लोग बड़े शहरो से अपने व्यवसाय को छोड़कर गाँव की ओर लोट रहे है | तो वहाँ सबसे ज्यादा लोग खेती बाड़ी को अपना रहे है | तो उसमे सबसे बड़ी समस्या आती है, नीलगाय की जिसे हम अपनी देसी भाषा में रोजड़े भी कहते है | ये खेतो को भारी मात्रा में नुकसान पहुंचाते है | ये दिन तथा रात दोनों समय में सक्रीय रहते है | जिससे किसान के खून पसीने की मेहनत तथा उसकी फसल को भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है |
किसान साथियों इसका वर्तमान समय में केवल एक ही इलाज है और वह है तारबन्दी या लोहे की जाली को अपने खेत के चारो और लगवाना | क्योंकी ये नीलगाय ऐसा ताकतवर जानवर है जो किसी बाड़, या काँटों की आड़ को कूद कर खेतो को नुकसान पहुंचाता है |


तो चलिए इस समस्या के निदान या वायर फेंसिंग के बारे में जानते है कि इसे कैसे लगवाते है |


वायर फेंसिंग के लिए जाली का चुनाव


साथियो बाज़ार में दो प्रकार की जालियां उपलब्ध है :-


तारबंदी के लिए जाली वेल्डिंग वाली तथा चैन लिंक


सबसे पहले बात करते है वेल्डिंग वाली जाली की | साथियों इस जाली में तारों को आपस में आड़े तथा खड़े, जोड़कर वेल्ड कर दिया जाता है | जिससे ये जाली बाज़ार में हमें महँगी मिलती है | यह जाली 80 से 90 फीट तक लम्बी होती है |
इसका माइनस पॉइंट यह है कि एक या दो साल बाद बारिश के कारण इसकी वेल्डिंग में जंग लगने के कारण इसकी वेल्डिंग खुल जाती है तथा जाली ख़राब हो जाती है | साथ ही अगर रोजड़े इस जाली को जोर से टक्कर मार कर खेत में घुसने की कोशिश करते है तो भी वेल्डिंग खुलने का डर रहता है |


इसकी कीमत बाज़ार में नग के हिसाब से प्रति नग 2500 रुपये तक मिल जाती है | साथियों अब बात करते है चैन लिंक जाली की, इसे तारो एक दुसरे के साथ तिर्यक या तिरछे जोड़ कर बनाया जाता है | इस तरह तार एक दुसरे से लिंक रहते है | इसमें एक जाली के बाद जोड़ने के लिए तार इसके साथ में ही आता है | इसलिए इसे चैन लिंक जाली कहते है | जबकि वेल्डिंग वाली जाली में हमें जालियो को जोड़ने के लिए अलग से दूसरा तार इस्तेमाल करना पड़ता है | इसमें बारिश में ख़राब होने का डर नहीं रहता है |

इसकी कीमत बाज़ार में किलो के हिसाब से 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक मिलती है | इसका एक बण्डल 30 से 35 किलो का होता है |


इसका माइनस पॉइंट यह है कि इसके उपर तथा नीचे कि तरफ आपको एक एक कांटे वाला तार लगाना पड़ता है | नहीं तो रोजड़े इसके नीचे से होकर खेत में घुस सकते है |


तारबंदी के लिए खंभे कोंनसे ख़रीदे


साथियों खंभे आप किसी भी प्रकार के ले सकते है | पुराने ज़माने में लोग लकड़ी काटकर उसके खंभे बनाते थे लेकिन वो टिकाऊ उपाय नहीं होता था |


आज के नए ज़माने में बाज़ार में दो प्रकार के खंभे उपलब्ध है | सीमेंट से बने हुए तथा पत्थर के बने हुए | दोनों ही खंभे आप खरीद सकते है | दोनों ही खंभे मजबूत तथा टिकाऊ होते है |


अगर हम बात करें सीमेंट के खम्भों की तो आप अगर आपने शुद्ध सीमेंट, रेती, तथा गिट्टी से बने हुए खंभे लिए है तो वे मजबूत तथा टिकाऊ होंगे | इन खंभों में 6 लोहे के तार डाले जाते है जिससे अगर कभी रोजड़े इन्हें टक्कर मार दे तथा टूट जाए तो भी ये खंभे गिरते नही है |


इनमे माइनस पॉइंट यह है कि अगर आपने सीमेंट में जूरी या चुना मिलाया हुए सीमेंट के खंभे लिए है तो यह कमजोर खंभे होंगे तथा एक छोटी सी टक्कर पर टूट सकते है |


अगर आपने पत्थर के खंभे लगवाए है तो ये खंभे मजबूत होते है | ये आमतौर पर टूटते नहीं है | लेकिन अगर कभी टूट जाए तो ये गिर जाते है, तो जाली वहाँ से झुक जाती है | तथा नीलगाय आपके खेत में घुस सकते है |


लेकिन इनमे माइनस पॉइंट यह है कि जहाँ से आप ये खंभे लाते है वहाँ से खंभे कोई 6 फीट के कोई 4 , तो कोई 7 फीट के भी आते है | जिससे जालियां झुक सकती है |


लेकिन सीमेंट वाले खंभे एक जेसी ऊंचाई 6 फीट, 7 फीट, 8 फीट के खंभे होते है जो फेक्ट्री में बनते है | आप आपकी पसंद के खंभे लगवा सकते है |

बंदी के लिए खंभे लगाने की प्रक्रिया


किसान साथियों अब हम आपको बताते है कि आपको खंभे कैसे लगाने है तथा इसकी पूरी प्रक्रिया आप समझिये | यहाँ हम आपको एक एकड़ जमीन के लिए वायर फेंसिंग के लिए कितने खंभे चाहिए वो बता रहे है | उसके हिसाब आप आपकी आवश्यकता के अनुसार खम्भे खरीद सकते है |


आपको 1 एकड़ जमीन के लिए आपको 150 खंभों की जरुरत होती है | खंभे की लम्बाई आप आपकी जाली के हिसाब से रख सकते है | अगर आप जाली 6 फीट की ले रहे है तो आपको 8 फीट के खंभे की जरुरत होगी |
आपको एक खम्भा लगभग 300 से 350 रुपये में पड़ता है | तो आपको 50000 रुपये में खंभे पड़ते है | इसमें आपके फेक्ट्री से खंभे लाने का खर्चा भी आ जाता है |


अब आपको खंभे लगाने के लिए गड्ढे करने होते है | गड्ढे आप हाथ से खोद कर भी कर सकते है | लेकिन इतने गड्ढे हाथ से मजदूरो से करवाना आपको महंगा पड़ता है | आप इसके लिए मशीन का उपयोग कर सकते है, जिसमे 100 Cc का इंजन लगा होता है | वह मशीन आप खरीद के भी ला सकते है, या आपको यह किराये पर भी मिलती है | इसे फीते से माप कर 2 – 2 फीट के गड्ढे एक जेसी सीधी रेखा या दिशा में खोद लीजिये | ये खंभे एक तरफ से थोड़े मोटे तथा एक तरफ से थोड़े पतले होते है | आपको मोटा है उस तरफ से इसे जमीन में गाड़ना है | इन्हें गाड़ने के लिए जेक का इस्तेमाल करना पड़ता है | नहीं तो खंभे गिर सकते है | ध्यान रहे खंभे एक दिशा में होने चाहिए | तथा खम्भों को मिट्टी से ही भरना चाहिए | सीमेंट से गड्ढे न भरे क्योंकी सीमेंट खुल सकती है |

खेत के तारबंदी जाली केसे लगाये


मित्रों जैसा कि हमने आपको पहले बताया है जाली आप अपने बजट के हिसाब से लगा सकते है | अगर आपने वेल्डिंग वाली जाली ली है तो आप 2 से 3 लोग मिलकर आसानी से उस जाली को लगा सकते है | उस जाली को सिर्फ एक तरफ से खोलना है तथा खिंच कर लगा देना है | यहाँ आपको बाइंडिंग वायर टाटा का यूज़ करना है | जो आपको 120 प्रति किलो के हिसाब से बाज़ार में मिल जाता है | बाकि वायर हलके होते है जो टूट सकते है |


वही अगर आप चैन लिंक वाली जाली लगा रहे है तो आपको इसमें एक जाली से दूसरी जाली जोड़ने के लिए वायर साथ में मिलता है | इसे लगाने के लिए आपको 5 से 7 लोगो की जरुरत होती है |


इसे आप सबसे पहले जहाँ इसका स्टार्टिग पॉइंट है वहाँ से खोल लिजिये | इसमें दो लोग एक तरफ से पकड़ेंगे व दो लोग दूसरी तरफ से पकड़ेंगे व एक चटाई की तरह बिछाते हुए खोलेंगे | एक जाली लगभग 100 से 110 फीट लम्बी होती है | जो लगभग 10 खंभों तक आ जाती है | फिर इसे लगाने के लिए आप खंभे पर इसे बाइंडिंग वायर से बांध देंगे | बांधने के लिए आप इसे हाथ से न बांधे बल्कि आप इसे पिलार या किसी लोहे की (मुह पर टेढ़ी हो) छड से बांध देते है | इससे यह वायर ढीले नहीं बंधेंगे |

फिर जाली को खिंच कर लम्बी करंगे तथा कपडे के रस्से से खिचेंगे | फिर आप एक जाली से दूसरी जाली के बीच में इसके साथ ही वायर आता है, उसे डबल करके जोड़ दीजिये तथा उपर से नीचे तक खींचकर बाँध दीजिये | इससे जाली इस तरह जुड़ेगी कि यह आपको एक ही जाली दिखेगी | इस तरह आप एक के बाद एक जाली लगाते जाइये | ध्यान रहे आपके खेत के कोने पर आपको खंभे तथा जाली में जेक लगाकर खींचना पड़ेगा |


यदि हम चैन लिंक जाली की कीमत की बात करें तो इसका एक बंडल 30 से 35 किलो का होता है | जो आपको बाज़ार में 60 रुपये से 70 रूपये प्रति किलो के हिसाब से मिल जाती है | तथा वेल्डिंग वाली जाली आपको 2500 से 2800 रुपये प्रति नग के हिसाब से मिल जाती है |


एक एकड़ में आपको किसी भी जाली के 20 बंडलो की जरुरत होती है | जिसकी कीमत लगभग 50000 रुपये हो जाती है | तथा इसे लगाने का खर्चा 10000 रुपये आता है |

खेत में गेट लगाने का खर्च कितना आता है


साथियों खेत के चारो ओर जाली लगने के बाद आपको खेत की हखाई के लिए ट्रैक्टर को अन्दर ले जाना पड़ेगा | तथा आपके आने जाने के लिए भी गेट की आवश्यकता पड़ती है | तो आप 12 फीट चौड़ा गेट लगा सकते है |
इसकी कीमत आपको लगभग 15000 रुपये के आसपास बाज़ार में मिल जाती है | तथा इसे लगाने का खर्चा 5000 रुपये आता है |


तो साथियों इस तरह हम एक एकड़ खेत की वायर फेंसिंग के कुल खर्चे की बात करें तो यह:-
खंभे = 50,000 रुपये
जाली = 50,000 रुपये, लगवाने का खर्च 10,000 रुपये
गेट = 20,000 रुपये


तो इस तरह आपके एक एकड़ खेत की वायर फेंसिंग का कुल खर्च 1,30,000 रुपये आता है | साथियों इसमें आपको गड्ढे खोदने का खर्च 1000 से 2000 रूपये अलग से देना होता है |

किसान साथियों, आशा करते है कि आपको इस आर्टिकल को पढ़कर खेत की वायर फेंसिंग के बारे में पूरी जानकारी मिली होगी तथा आप अपने खेत में वायर फेंसिंग आसानी से कर सकेंगे, धन्यवाद |

NOTE: साथियों, टेक मेवाड़ी वेबसाइट किसी भी प्रकार के प्रोडक्ट को सेल नहीं करती है | हम सिर्फ आपको प्रोडक्ट के बारे में जानकारी देते है तथा मार्केट रिसर्च के अनुसार आपको प्रोडक्ट की कीमत बताते है | 

धन्यवाद

टेक मेवाड़ी टीम

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